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KRISHNA Tarangam

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Gita Bhagya Chakram

Weekly Guidance

 

 

Bhagya Chakram is a secret science to guide you through your daily life by predicting your situation and helping you out with Gita based guidance . This is the guidance which Krishna gave to Arjuna through the Gita shlokas. They are shlokas, but they carry coded vibrations which predict your situation and give you a solution.  It is said that the battle of Mahabharat went on for 18 days and Krishna hinted what was going to happen each day through the secret vibrational codes. Arjuna carried himself out through that situation by practising a particular state of mind.

The same system has been applied to help people of various rashis (zodiac signs) by decoding their situation for them during the week and how they should handle it. The Krrisha team introduces the new feature weekly to help you prepare for the week. Later, this could be reintroduced as a daily feature. The main intention of introducing the secret system  is to help you imbibe, practise and execute the right attitude of mind and not to promote any superstition.

Krrisha Team

 


 

Mesh/Aries

You may have a strange experience which may make you feel alone. In some cases, there will be a spiritual emotion rising to experience the same blessed loneliness which takes you near the goal.  Separation from your goal is what is the cause of your trouble nowadays. Think! Can you still rectify your mistake? If not, then you have the situations unfolding. Guru makes a smooth path, but obstinate disciples digress into stranger pastures and then feel lonely, left alone.   Only through dissociating with the present can you step into the future. Chapter 6 of the Bhagwad Gita is advised for you.

 

 

 

मेष 

आपको एक अपरिचित अनुभव हो सकता है जो आपको अकेला महसूस करा सकता है । कुछ प्रकरणों में, एक वरदान प्रदत्त एकांकी अनुभव प्रदान करने वाला आध्यात्मिक भाव बढ़ेगा जो आपको आपके लक्ष्य तक ले जाएगा । इन दिनों आपकी आपके लक्ष्य से दूरी ही आपकी समस्या का कारण है । सोचिये! क्या आप अभी भी अपनी गलती सुधार सकते हैं ? यदि नहीं. तो आपकी परिस्थितियां सामने आ रही हैं । गुरु एक सरल मार्ग प्रदान करते हैं परंतु ज़िद्दी शिष्य मार्ग भटककर अकेला और अलग महसूस करते हैं । केवल वर्तमान से विलग होकर ही आप भविष्य में कदम रख सकते हैं । भगवद् गीता के षष्ठ अध्याय की सलाह है आपके लिये । 

 

 


 

Vrishabh/Taurus

You need to work on steadying your mind and intellect. In fact, you will know how to do it and that is a great asset. It will help you ride over unsettling presence or negative presence around. The divine force will push you forward towards your goal with greater force, despite opposition. Everything shall be observed, the way you eat, sleep, walk and talk. So set the right example. What really matters is your presence in the public. You are being trained into that. Keep yourself fit and fine.  Chapter 2 of the Gita is advised for you.

 

 

वृषभ

आपको अपने मन एवं बुद्धि को स्थिर करने की आवश्यकता है । बल्कि आपको यह पता है कि कैसे करना है और यह एक महत्वपूर्ण धरोहर है । यह आपके इर्दगिर्द नकारात्मक या परेशान करने वाली उपस्थिति से आपको परे जाने में सहायक होगी । दिव्य शक्ति आपको, अवरोध के बावजूद, लक्ष्य के प्रति और बल से आगे बढ़ाएगी । हर चीज़ का अवलोकन होगा, आप कैसे खाते हैं, सोते हैं, चलते हैं या बात करते हैं । इसलिये उचित उदाहरण बनें । वास्तव में लोगों के बीच आपकी मौजूदगी मायने रखती है। स्वयं को स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रखें । गीता के द्वितीय अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश है आपके लिये । 

 

 


  

Mithun/Gemini

 You need peace of mind. In fact, your inner core wants it badly. But, you are unable to do so. Practise spiritual exercises daily to get the satisfaction you want. No worldly thing can really satisfy you. You can handle negative build-up only through spiritual strength. Plant and distribute peepal trees . Perform Agnihotra or get Agyaari lighted up daily evening and morning for four months.  Chakram advises you to recite Chapter 6 of the Gita.

 

 

मिथुन

आपको मानसिक शांति की आवश्यकता है । बल्कि आपका भीतरी केन्द्र बहुत तत्परता सा इसकी इच्छा रखता है । परंतु आप उसे प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं । जो संतोष आप चाहते हैं उसे प्राप्त करने हेतु प्रतिदिन आध्यात्मिक अभ्यास करें । कोई सांसारिक वस्तु आपको संतुष्ट नहीं कर सकती है । आप केवल आध्यात्मिक बल द्वारा ही नकारात्मक जमाव को संभाल सकेंगे । पीपल के वृक्ष लगाएं एवं बांटें । अग्निहोत्र करें और चार महीनों तक सुबह-शाम अग्यारी जलाएं । चक्रम् आपको गीता के षष्ठ अध्याय के परायण की सलाह देते हैं । 

 


 

 

Kark/Cancer

Be determined and firmly deal with your situations. Of course, sing glories of God or do Japam to feel His presence around. He is helping you, but you don’t really know to what extent He is doing it. What you need is connection with your goal. Once it is established, it will be cake walk for you. Do it for God, not for yourself. Whatever you do has to be for Intelligent Energy if you want spiritual and social excellence. Beware of the jealous. They may try to harm you. But, divine grace will save you and defeat their purpose.  Continue to focus on your work or a project. Actually, you are looking for some motivation. But, that is within you and not in new things and places. Recitation of Chapter 9 of the Gita is advised for you. 

 

 

कर्क 

दृढ़ हों और अपनी परिस्थितियों से दृढ़तापूर्वक कार्य लें। बिलकुल, ईश्वर के गीत गाएं या उनके सामीप्य को महसूस करने हेतु जपम् करें । वह आपकी सहायता कर रहे हैं परंतु आप यह नहीं जानते कि वे किस हद तक आपकी सहायता कर रहे हैं । आपको अपने लक्ष्य के साथ संपर्क की आवश्यकता है । एक बार वह स्थापित हो जाए फिर वह आपके लिये सरल मार्ग बन जाएगा । ईश्वर के लिये करें, अपने लिये नहीं । यदि आप आध्यात्मिक एवं सामाजिक उत्कृष्टता चाहते हैं तो आप जो भी करें केवल बुद्धिमान ऊर्जा के लिये करें, अपने लिये नहीं । ईर्ष्या करने वालों से सतर्क रहें । वे आपको हानि पहुंचा सकते हैं । परंतु दिव्य अनुकंपा आपको बचाकर उनके उद्देश्य को पराजित कर देगी । अपने कार्य अथवा परियोजना पर ध्यान दें । दरअसल आप प्रेरणा ढूंढ रहे हैं । परंतु वह आपके भीतर है, न कि नवीन वस्तुओं या स्थानों पर । गीता के नवम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश है आपके लिये । 


 

Simha/Leo

 Remain connected with your main goal. That is important. Immediate goals have to be achieved and left behind but the main goal should not be lost sight of even for a moment. Leaving things or works will not help you. They will continue to haunt your memory. All that you need is to be more strongly connected with your main goal. The goal of life, that is what you call it. Remain calm as the connection with your goal will lift you up very fast, in no time so to say. Good beginnings ahead. Chakram suggests recitation of Chapter 5 of the Gita.

 

 

सिंह

अपने मुख्य लक्ष्य से जुड़े रहें । वह महत्वपूर्ण है । तत्कालिक लक्ष्यों को प्राप्त करके उन्हें पीछे छोड़ना होता है परंतु मुख्य लक्ष्य से एक क्षण के लिये भी आंखें नहीं हटा सकते हैं । विषयों या कार्यों को छोड़ देना आपके लिये सहायक नहीं होगा । वे आपकी स्मृति में रह रहकर आती रहेंगी । आपके लिये आवश्यक है कि आप अपने मुख्य लक्ष्य से और दृढ़ता से जुड़ें । आप जैसा उसे कहते हैं, वह जीवन का लक्ष्य है । शांत रहें, क्योंकि आपके लक्ष्य से आपका जुड़ाव आपको बहुत शीघ्र उत्थान देगा, ऐसा कह सकते हैं कि बिना समय व्यय किये । आगे अच्छे आरंभ हैं । चक्रम् गीता के पंचम् अध्याय के पाठन एवम् परायण करने का निदेश देते हैं । 

 

 


Kanya/Virgo

Calculations work for sometime. But, what works most is your intuition. Use your reason for the object you want to achieve and then follow the inspiration you receive within. It could come from outside too. But, what matters is working the inspiration out. You have to work for an inclusive vision of life. There should be a purpose, strong purpose behind what you want to achieve. Just go for it determinedly, honestly and wholeheartedly thereafter. Right now you are really not sure what you want. Though you have a fairly good idea about your choice.  Chakram advises you recitation of Chapter  5 of the Gita.

 

कन्या 

गणनाएं कुछ वक़्त ही काम करती हैं । परंतु जो सबसे अधिक कार्य करता है वह आपका सहज ज्ञान है । जिस वस्तु को आप प्राप्त करना चाहते हैं उसके हेतु विवेक का प्रयोग करें और उसके बाद प्राप्त अंतः प्रेरणा का अनुसरण करें । वह बाहर से भी आपतक आएगी । परंतु जो मायने रखता है वह है प्रेरणा का निर्वाह । आपको जीवन के सर्व-सम्मिलित दृष्टिकोण के प्रति कार्य करना होगा । उद्देश्य होना चाहिये, आप जो प्राप्त करना चाहते हैं उसके पीछे एक सशक्त उद्देश्य होना चाहिये । फिर दृढ़ता, निष्ठा एवं पूर्ण हृदय से उसका अनुसरण करना चाहिये । इस वक़्त आप निश्चित नहीं हैं कि आप क्या चाहते हैं । हालांकि आपके चयन के संदर्भ में आपको अंदाज़ा है । चक्रम् गीता के पंचम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश करते हैं । 

 


Tula/Libra 

Being subtle and secretive has its own pitfalls. People may misjudge you and that may give you a lot of emotional and mental stress. But, keep God in your heart and practise your spiritual exercises honestly. There is only one entity who can be entrusted with all the secrets. That is God. Share it with Him in your heart and go ahead. Work upon your social network to enhance your approach and seek support for your project. Execute what is there before you. Don’t delay, time or no time. You may face some jurisdictional issues at home, office and among friends. Chakram suggests recitation of Chapter 13  the Gita.

 

तुला

सूक्ष्म और रहस्यमयी होने के अपने गर्त हैं । लोग आपका गलत आकलन कर सकते हैं और वह आपको बहुत अधिक मानसिक एवं भावनात्मक तनाव दे सकता है । परंतु, ईश्वर को अपने हृदय में रखें और अपने आध्यात्मिक अभ्यासों का सत्यता से निर्वाह करें । केवल एक ऐसी सत्ता है जिसपर सभी रहस्यों के साथ भरोसा किया जा सकता है । वह ईश्वर हैं । अपने हृदय में उनसे यह बांटें और आगे बढ़ें । अपनी पहुंच बढ़ाने हेतु एवं अपनी परियोजना हेतु समर्थन प्राप्त करने के लिये अपने सामाजिक अंतर जाल पर कार्य करें । आपके समक्ष जो है उसे पूर्ण करें । विलम्ब न करें, समय हो या न हो। आपको घर, कार्यालय अथवा दोस्तों के बीच कुछ न्यायिक मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है । चक्रम् गीता के त्रयोदश अध्याय के पाठन एवं परायण करने का निर्देश करते हैं । 

 


 

 

Vrishchik/Scorpio

Time to take command and lead from the front. Because this approach alone can give pace to your project, mission or work. Leadership qualities are what you are supposed to develop within and fast. Because, you would need them the most soon to bring the change you want. In some cases, the change may come in the form of additional work or some extra work from their bosses. So get ready to lead. Set the wheel of change moving. That is what you can do in your little capacity. Give up back seat driving now. Openly suggest and communicate to your associates as to who the boss is. In fact, they all know it in their hearts. But, this will give a new push to your project. Chakram advises recitation of Chapter 9 of the Gita for you.

 
 

वृश्चिक

नियंत्रण लेने और सामने से नेतृत्व करने का समय आ गया है । क्योंकि यही दृष्टिकोण आपके कार्य, योजना या मिशन को गति प्रदान कर सकता है । आपको आवश्यक है कि आप नेतृत्व के गुणों को शीघ्र ही अपने भीतर बढ़ाएं । क्योंकि शीघ्र ही आपको वांछित परिवर्तन लाने हेतु उनकी आवश्यकता होगी । कुछ अवसरों पर यह परिवर्तन प्रबंधक द्वारा प्रदत्त बढ़े हुए कार्य के रूप में सामने आएगा। इसलिये नेतृत्व करने हेतु तैयार हो जाएं । परिवर्तन चक्र को चलायमान करें । यह ही है जो आप अपनी सीमित क्षमता में कर सकते हैं । अब पीछे बैठकर गाड़ी चलाना छोड़ें । सापेक्ष ढंग से सलाह दें और अपने सहयोगियों से संचार द्वारा यह बता दें कि प्रबंधक कौन है । बल्कि सब यह अपने हृदय में भलीभांति जानते भी हैं । परंतु यह आपकी परियोजना को एक नवीन प्रोत्साहन देगा। चक्रम् गीता के नवम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश करते हैं । 

 


 

 

 

Dhanur/Sagittarius

Yes, the world is full of miseries. No doubt. But, you are miserable because of your own delaying attitude. The world is temporary but you need to do things here which have a long lasting impact. Motivate yourself and achieve your goal. Distractions always come when one settles for a task. What of it? Just handle them with your will and get ahead. Why complain over them? New opportunities are lined up. You just have to stretch your hand and grab the best among them. Don’t trust everybody. Keep your innermost secrets to yourself. They are not for the public eye. The public eyes are on you. Chakram suggests recitation of Chapter 9 of the Gita for you.

 

 

धनु

हां, संसार कष्टों से परिपूर्ण है । कोई संशय नहीं है । परंतु आप केवल अपने टालने के व्यवहार के कारण परेशान हैं । यह संसार अवश्य ही अस्थायी है परंतु आपको इसमें ऐसे कार्य करने हैं जिनका प्रभाव चिरंजीवी हो । स्वयं को प्रेरित करें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें । भटकने तब ही आती हैं जब आप एक लक्ष्य के लिये स्थिर हो जाते हैं । उनका क्या करें ? उन्हें अपनी इच्छा शक्ति द्वारा संभालें और आगे बढ़ें । उनपर शिकायतें करने का क्या मतलब ? नवीन अवसर आगे कतार में हैं । आपको केवल अपना हाथ आगे बढ़ाना है और उनमें से उत्तम अवसर को पकड़ना है । किसी पर भरोसा न करें । अपने भीतरी रहस्यों को अपने तक रखें । वे लोक-अवलोकन हेतु नहीं हैं । लोगों की दृष्टि आप पर है । चक्रम् गीता के नवम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश करते हैं । 

 

 


 

Makar/Capricorn

Try to bring the greatness within you out through your actions. Work smartly and deal with your associates wisely. Some of them are jealous of you and you know about it. But, instead of allowing the jealousy and anger to rise in you. Deal with them in such a way that they are defeated in their own game. Put your right image before people who matter and that is how you can dismantle the game plan of the negative minded people. Expose them smartly and reclaim your position.  Havan, Agnihotra, Agyaari are a must for you to counter the negativity all around. Keep performing pranayam for good health. Recitation of Chapter 9 of the Gita is advised for you.

 

मकर

अपने अंदर की श्रेष्ठता को अपने कार्यों द्वारा बाहर आने दें । होशियारी से कार्य करें और अपने सहयोगियों से विवेक-पूर्वक ढंग से पेश आएं । उनमें से कुछ आपसे ईर्ष्या करते हैं और आप इस तथ्य से अवगत हैं । परंतु अपने भीतर क्रोध और ईर्ष्या बढ़ाने से बेहतर होगा उनसे ऐसे निपटें कि वे अपने ही खेल में आपसे मात खा जाएं । जो लोग मायने रखते हैं उनके समक्ष अपनी उचित छवि रखें और इस प्रकार नकारात्मक मानसिकता के व्यक्तियों के षड्यंत्र को आप भेद सकेंगे । उन्हें नैतिक-निपुणता द्वारा उद्घाटित करें और अपने पद को पुनः प्राप्त करें । हवन, अग्निहोत्र एवं अग्यारि आपके आस-पास बढ़ रही नकारात्मकता को परास्त करने हेतु आवश्यक हैं । अच्छे स्वास्थ्य हेतु प्राणायाम करते रहें । गीता के नवम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश है आपके लिये ।  

 


 

Kumbha/Aquarius

Work for your goal with sincerity and honesty. If you are able to do so then your present work shall become a source of inspiration for you. Otherwise, it will be like another burden that you would like to get off your shoulders. You quickly think of the final results or outcome of things. Just focus your mind on the work and not on its result. Approach determinedly with God in your heart. Take care of what you eat and hear. Perform Agyaari, especially in the evening and spread its fumes in and out of your house. Recitation of Chapter 5 of the Gita is advised for you.

 
 
 

कुम्भ

अपने लक्ष्य के प्रति सत्य एवं निष्ठा से कार्य करें । यदि आप ऐसा करने में सफल होते हैं तो आपका वर्तमान कार्य आपके लिये प्रेरणा का स्रोत बन जाएगा । वरना वह ऐसा बोझ बन जाएगा जिसे आप अपने कंधों से उतारना चाहेंगे । आप बहुत जल्दी निर्णय या फल के बारे में सोचने लगते हैं । अपने मन को कार्य पर एकाग्र करें न कि उसके फल पर । दृढ़ता के साथ, ईश्वर को हृदय में रखकर आगे बढ़ें । आप क्या श्रवण कर रहे हैं एवं आहार द्वारा क्या ग्रहण कर रहे हैं इसका ध्यान दें । शाम को ख़ास अगियारी करें और घर के भीतर से बाहर उसके धूम को प्रसारित होने दें । गीता के पंचम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश है आपके लिये । 

 

 

 

 
 
 

Meen/Pisces

Don’t bother about negative people. God has made them so and God alone will defeat them in their own game. Remain away from optical illusions and firmly believe in your efforts to succeed. Nobody is against you, it is you and you alone who have got certain fixed ideas about things outside. Fast changes in and around you may keep you surprised.  You will remain inspired and work for your goal. You shall be actively involved in certain noble causes and be instrumental in getting results. Keep performing pranayam. Avoid eating spicy food. Old friends may try to connect with you to know what is there on your mind. Neutralise their game plan and be friendly with them too. Chakram suggests recitation of Chapter 7 of the Gita

 

 

मीन

नकारात्मक व्यक्तियों की चिंता न करें । ईश्वर ने उन्हें ऐसा बनाया है और ईश्वर ही उन्हें उनके षड्यंत्र में परास्त करेंगे । प्रकाशीय भ्रमों से दूर रहें और सफल होने को प्रयत्नों में दृढ़ विश्वास रखें । कोई भी आपके विपक्ष में नहीं है, यह केवल और केवल आप ही हैं जिन्हें बाहर के कुछ विषयों पर जटिल विचार हैं । आपमें एवं आपके आसपास हो रहे तीव्र परिवर्तन आपको आश्चर्यचकित रखेंगे । आप प्रेरित रहेंगे और अपने लक्ष्य के प्रति कार्य करते रहेंगे । आप कुछ अच्छे कार्यों में कार्यरत रहेंगे और फल हेतु आपका होना अवश्यम्भावी होगा । प्राणायाम करते रहें । मसालेदार खाना न खाएं । पुराने मित्र यह जानने के लिये वापस जुड़ने का प्रयास कर सकते हैं कि आपके मन में क्या है । उनके षड्यंत्र को निरस्त करें और उनसे भी मित्रवत् हों । चक्रम् गीता के सप्तम् अध्याय के पाठन एवं परायण का निर्देश करते हैं ।

 

 

 

 


 

 

  “I know God knows every mind and feels every heart more clear than they do.”

                   

Vivek Sharma

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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