KRISHNA Tarangam

A Political and Sciences Website

Gita Bhagya Chakram

Weekly Guidance


Bhagya Chakram is a secret science to guide you through your daily life by predicting your situation and helping you out with Gita based guidance . This is the guidance which Krishna gave to Arjuna through the Gita shlokas. They are shlokas, but they carry coded vibrations which predict your situation and give you a solution.  It is said that the battle of Mahabharat went on for 18 days and Krishna hinted what was going to happen each day through the secret vibrational codes. Arjuna carried himself out through that situation by practising a particular state of mind.

The same system has been applied to help people of various rashis (zodiac signs) by decoding their situation for them during the week and how they should handle it. The Krrisha team introduces the new feature weekly to help you prepare for the week. Later, this could be reintroduced as a daily feature. The main intention of introducing the secret system  is to help you imbibe, practise and execute the right attitude of mind and not to promote any superstition.

Krrisha Team





Changes are happening fast in personal, social and professional life. Keep your mind cool. Bursts of anger may affect you. Love for God may intensify in your life and you will see things in its light. Somebody very close to you has been guiding your mind for almost 30 years or so. Now you will use your own mind after finding the bias in her/his advice. The time is conducive for making spiritual progress and knowing for sure the guru who  has been keeping the voice of sanity loud in your mind all these years. Chapter 8 of the Bhagwad Gita is advised for you.







व्यक्तिगत, सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन में परिवर्तन बहुत तेज़ी से आ रहे हैं। अपने मन को शांत रखें। क्रोध के आवेग आपको प्रभावित कर सकते हैं। आपके जीवन में ईश्वर के प्रति प्रेम घनीभूत हो सकता है और आप सब कुछ उसी प्रकाश में देखेंगे। आपके कोई बहुत करीबी आपके मन को कुछ 30 वर्षों से निर्देशित कर रहे हैं। अब आप उनकी सलाह में भेदभाव देखकर अपने मन का प्रयोग करेंगे। आध्यात्मिक उन्नति करने और आपके मन में विवेक की आवाज़ को इतने वर्षों से प्रबल रखने वाले गुरु को जानने का अब समय सही है। भगवद् गीता के आठवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए।




You will be richly supplied for  with what you have deserved all through your life and was somehow denied to you as part of God’s training to you. Now that you are fit, all the doors to your noble mission/project/ work are opening up.  Your worry shall be how to handle it all and that you require more persons to carry our the job.  You deserve to be on administrative position. You are skilled to manage things well. Time to show and exercise those skills to the fullest for everybody’s gain. Despite having achieved something, you shall feel not impressed and detached or even a bit depressed, for the realities of life have hardened you. Nature will protect you jurisdiction.  Chapter 13 of the Gita is advised for you.




आपके सारे जीवन में आप जिसके हकदार थे परंतु ईश्वर के प्रशिक्षण के तहत आपको प्राप्य नहीं था वह अब आपको घनिष्ठ रूप से प्राप्त होगा। अब जब आप फिट हैं तो आपके अच्छे प्रयोजन/कार्य/योजना के सभी दरवाजे खुल रहे हैं। आपका चिंतन अब यह रहेगा कि कैसे यह सब संभालें और यह कि इस कार्य के निर्वाह हेतु और लोगों की ज़रूरत है। आप प्रशासनिक पद पर होने के हकदार हैं। आप चीज़ों के उचित प्रबंधन का कौशल रखते हैं। समय है कि आप इस कुशलता को सभी के लाभ हेतु पूर्णतः प्रयोग करें। कुछ प्राप्त करने के बावजूद भी आप प्रभावित नहीं होंगे और थोड़ा विरक्त या उदास भी महसूस कर सकते हैं क्योंकि जीवन की सत्यता ने आपको कठोर बना दिया है। प्रकृति आपके न्यायिक क्षेत्र का रक्षण करेंगी। गीता के तेरहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए।



Don’t over rate yourself in spiritual and professional life. Be realistically grounded. Look how simple emotions upset you. Unless you gain mastery over your mind, you cannot really feel confident in your spiritual, social, professional and family life. It is important to keep doing the noble work. Feed cows, feed dogs and donate money for noble work. Beware of somebody close to you browbeating you. Remain anchored in God. Continue agyari. Those who resist spiritual acts and works should be countered with continuity of action and not by succumbing to their whims. Chakram advises you to recite Chapter 8 of the Gita.




स्वयं को आध्यात्मिक एवं व्यावसायिक जीवन में बहुत उच्च न आँकें। वास्तविकता में स्थित रहें। देखें कैसे साधारण से भाव भी आपको व्यथित कर देते हैं। जबतक आप अपने मन पर स्वामित्व नहीं प्राप्त कर लेते, तबतक आप अपने आध्यात्मिक, सामाजिक, व्यावसायिक एवं पारिवारिक जीवन में आत्मविश्वास नहीं अनुभव करेंगे। आवश्यक है कि आप अच्छे कार्य करते रहें। गौ को भोजन कलाएं, कुत्तों को भोजन कराएं और अच्छे कार्य हेतु धन दान करें। आपके आस-पास के किसी व्यक्ति द्वारा धमकाए जाने से सतर्क रहें। ईश्वर में आश्रित रहें। अग्यारी करते रहें। जो आध्यात्मिक कार्यों का परहेज करते हैं उनका सामना उस कार्य को निरंतर करते हुए करना चाहिए न कि उनकी इच्छा के अधीन आकर। चक्रम् परामर्श करते हैं कि आप गीता के आठवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें।





Wear bright yellow colour. It will keep you above anxiety. Perform pranayam daily. This week is going to be a relaxed one comparatively. Life the sun removes all darkness. The spark of divine inspiration will remove the darkness of your mind. Being alone is being with God. Feeling lonely is being with your own ego, individuality. Choose wisely. You will have a better control over things. Keep away from bursts of anger. Don’t allow discourteous thoughts for somebody highly respected. It may keep you mentally agitated. Send waves of love and happiness to him/her and you will be happy again. Chakram suggests recitation of Chapter 13 of the Bhagwad Gita.






उजला पीला रंग पहनें। वह आपको व्यग्रता से दूर रखेगा। रोज़ प्राणायाम करें। यह सप्ताह अपेक्षाकृत आरामदायक रहेगा। जिस प्रकार सूर्य सारे अंधकार को दूर कर देता है, दिव्य प्रेरणा की एक किरण आपके मन के अंधकार का ह्रास करेगी। अकेले होना ईश्वर के साथ होना है। अकेलापन महसूस करना अहंकार के साथ होना है, वैयक्तिकता। सूझबूझ से चयन करें। आपका चीज़ों पर बेहतर नियंत्रण होगा। क्रोध के आवेग से बचे रहें। किसी बहुत माननीय के प्रति अभद्र विचार न आने दें। यह आपको मानसिक रूप से व्यथित रख सकता है। उसके प्रति प्रेम एवं प्रसन्नता की तरंगों का स्पंदन करें और आप पुनः प्रसन्न हो जाएंगे। चक्रम् भगवद् गीता के तेरहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह देते हैं।


You will find towering figures, who had somehow kept their control over you professionally and socially, you tumbling away, falling like pack of cards. All adversaries will fear you despite you absence. The wind gods are shaking them inside out for their humiliating behaviour with you despite your innocence. Suffice to say that you will feel as if the iron grip of negativity is losing hold on you and you are breathing fresh, progressing fast on your way. Despite feeling shaky, you will find things turning in your favour. Chakram suggests recitation of Chapter 11 of the Gita.




आप पाएंगे कि जिन अत्यंत उत्कृष्ट लोगों ने आपपर किसी तरह से सामाजिक और व्यावसायिक रूप से नियंत्रण बना रखा था वे ताश के पत्तों की तरह लुढ़कते हुए बिखर जाएंगे। आपकी गैर हाज़िरी में भी आपका बुरा चाहने वाले आपसे भय करेंगे। आपके अबोध होने पर भी आपके प्रति अपमानजनक व्यवहार रखने के लिए वायु देव उन्हें अंदर से बाहर तक झकझोर रहे हैं। इतना कहना काफी होगा कि नकारात्मकता का लौह-पाश आपपर से अपना शिकंजा खो देगा और आप ताजी सांस लेंगे और अपने रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। कंपकंपी महसूस करने पर भी आप चीजों को आपके पक्ष में बदलता हुआ पाएंगे। चक्रम् गीता के ग्यारहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह देते हैं।



Feel sorry for your mistakes. Correct them by keeping your ego out of it. Learn fast. Be grateful to the person the person or the guru who has helped you through various aspects of your life and given you a decisive purpose in life. Stop being a perfectionist, but always work for the better, give it your best shot and move ahead. Memory of god or a person will keep you uplifted  and happy. Opportunity to take a decisive action. Perform agyaari or burn dhoop daily during worships.  Chakram advises you recitation of Chapter  11 of the Gita.




अपनी गलतियों पर शर्मिंदा हों। अपने अहंकार को दूर रखकर उन्हें सुधारें। जल्दी सीखें। जिस व्यक्ति अथवा गुरु ने आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में आपका साथ दिया है और जीवन में एक निर्णायक उद्देश्य दिया है उसके प्रति कृतार्थ रहें। पर्फेक्शनिस्ट होना बंद करें, पर हमेशा बेहतर की ओर कार्य करें, कार्य को अपना श्रेष्ठ योगदान दें और आगे बढ़ें। ईश्वर या किसी व्यक्ति की स्मृति आपको प्रसन्न और प्रफुल्लित रखेगी। निर्णायक कार्य करने का समय है। पूजा के समय रोज अग्यारी करें अथवा धूप जलाएं। चक्रम् गीता के ग्यारहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह देते हैं।







 You will find a tide of sublime thoughts surging within you. You will feel connected with the divine. Make the best of it. Social and professional concerns will not upset you. As long as you feel you are tied down, you shall remain so. So come out of it and use this moment to excel in your life and relax a bit. Join the noble work and it keeps you energised. That is what you want to do and it is right there before you. Use your jurisdictional power to help a person or his work. You will find that such actions are keeping your mentally and socially secured. Pay your respects to a departed soul, who was very close to you. Chakram suggests recitation of Chapter 17 Gita.





आपको अपने भीतर सूक्ष्म विचारों की एक लहर सी उठती महसूस होगी। आप दिव्यता से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। इस अवसर का पूर्ण प्रयोग करें। सामाजिक एवं व्यावसायिक चिंतन आपको व्यथित अथवा उदास नहीं करेंगे। जबतक आप बंधा महसूस करेंगे, आप बंधे हुए रहेंगे। इसलिए इस भाव से बाहर आएं और इस क्षण का प्रयोग अपने जीवन में श्रेष्ठ बनने के लिए करें और थोड़ा आराम करें। किसी भलाई के कार्य से जुड़ें क्योंकि वह आपको ऊर्जावान रखता है। वह है जो आप करना चाहते हैं और वह ठीक आपके सामने ही है। अपने न्यायिक क्षेत्र का प्रयोग करके किसी व्यक्ति या उसके प्रयोजन में उसकी सहायता करें। आप पाएंगे कि ऐसे कार्य आपको सामाजिक एवं मानसिक रूप से आश्वस्त रख रहे हैं। एक दिवंगत आत्मा जो आपके बहुत पास थे उन्हें अपनी ओर से मान दें। चक्रम् गीता के सत्रहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह देते हैं।





A sense of satisfaction will  rule your heart this week. You will be cool, calm and collected after a long, long time, with an inner assurance of success in your endeavour. Keep  praying to God for success. Don’t waste time on counting your losses. That phase is over. Now is the time for success and social recognition for your work.  Keep performing agyaari and havan to thank God for everything. You will be naturally disciplined this weak. Chakram suggests chapter 16 of the Bhagwad Gita this week.




इस सप्ताह आपके हृदय में संतुष्टि का भाव विराजमान रहेगा। आप बहुत ही लंबे समय बाद शांत, तुष्ट और मानसिक रूप से खुद को इकट्ठा पाएंगे और साथ ही आपको आपके प्रयोजन में सफलता के लिए आंतरिक आश्वासन होगा। ईश्वर से सफलता हेतु प्रार्थना करते रहें। अपनी हानियों को गिनने में समय न व्यर्थ करें। वह समय अब समाप्त हो चुका है। अब आपके कार्य के लिए सफलता एवं सामाजिक ख्याति पाने का वक्त है। ईश्वर को हर चीज़ के लिए धन्यवाद व्यक्त करने हेतु हवन एवं अग्यारी करते रहें। इस सप्ताह आप स्वाभाविक रूप से अनुशासित रहेंगे। चक्रम् इस सप्ताह आपको गीता के सोलहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श देते हैं।





Practise is a must. Practise what you have learnt. Without practice, all that you have learnt will sink in the background and you will feel down again. Don’t ignore a sane person’s advice. The wise are the strongest channels of Intelligent Energy’s  energy  Troubles have started only after you began to ignore him/her.Financial concerns will affect those who are packed in a job. It is time to depend upon your own work, begin a business of your choice or an endeavour which helps you financially and gives you less stress. 

 For those who are spiritually oriented and working on their own projects, will find more avenues and financial gains.  Chakram suggests recitation of Chapter 7 of the Gita.




अभ्यास अवश्यम्भावी है। जो आपने सीखा है उसका अभ्यास करें। बिना अभ्यास के आपका सब कुछ सीखा हुआ पीछे कहीं डूब जाएगा और आप फिर से उदास महसूस करने लगेंगे। किसी समझदार व्यक्ति की सलाह को अनसुना न करें। विवेकी व्यक्ति बुद्धिमान ऊर्जा के सबसे सुदृढ़ प्रवाह मार्ग होते हैं। परेशानियां आना तब ही शुरू हुई जब आपने उनका तिरस्कार किया। जो लोग कार्य-व्यवसाय में हैं उन्हें आर्थिक चिंतन होगा। अब समय है कि आप आत्मनिर्भर बनें, अपना प्रयोजन अथवा  कार्य करें जो आपको आर्थिक रूप से सहायक हो और तनाव भी कम दे। जो आध्यात्मिक रुझान रखते हैं और अपने ही प्रयोजन पर कार्य कर रहे हैं उन्हें और नए मार्ग एवं आर्थिक लाभ होंगे। चक्रम् गीता के सातवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह देते हैं।





Work harder and you will gain success. Develop a business-like attitude too. Sell goodness like a sales person. Never be shy of doing good. Believe in your strength. Live life in the present. The past teaches. The present gives you opportunities to implement that teaching for a secured future. This is how time is favouring you. You will have to engage in a lot of cleanliness within and without. A little effort will make you feel clean. Good and noble thoughts will keep you oriented. Success is knocking the door. Give up old weaknesses. Get into a fresh mode. Chapter 18 of the Bhagwad Gita is advised for you.





और अधिक मेहनत करें और आप सफल होंगे। व्यावसायिक जैसा व्यवहार अपनाएं। अच्छाई को विक्रय करने वाले व्यक्ति की तरह बेचें। अच्छा करने से कभी मत हिचकिचाइये। अपनी ताकत पर भरोसा करें। जीवन वर्तमान में जीयें। अतीत आपको सिखाता है, वर्तमान उस सीख का अनुपालन करके भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर देता है। समय आपका इस प्रकार समर्थन कर रहे हैं। आपको अंदर और बाहर बहुत सफाई करने में जुटना होगा। एक छोटा सा प्रयत्न भी आपको साफ महसूस कराएगा। अच्छे और भलाई के विचार आपको व्यवस्थित रखेंगे। सफलता दरवाजे पर दस्तक दे रही है। पुरानी अक्षमताओं, कमज़ोरियों का त्याग करें। फ्रेश अवतार में आएं। भगवद् गीता के अठ्ठारहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह है आपके लिए।




You will be  relaxed, but take extra care not to be lax in your efforts for your goal.  You will feel cared for and loved. Get into a new mindset like you got new clothings and joyously work for God. Working for a noble work inspires you. So continue to do so too. This will keep your inspired. But, don’t let it overtake slots for other works. Time discipline is what you love to follow. Have a greed for goodness. Have comparative attitude to excel in good work. This is how these lower emotions will help you as a friend. Fire is neither good not bad. Its usage may be. Just remember this and don’t hate yourself when such emotions come your way. Use them positively.  Recitation of Chapter 14 of the Gita is advised for you.




आप निश्चिन्त रहेंगे पर ध्यान रहे अपने लक्ष्य के प्रति प्रयासों में आप ढीले न पड़ें। आपको ध्यान दिया हुआ और प्यार किया हुआ महसूस होगा। जिस प्रकार आप नए कपड़े पहनते हैं उसी प्रकार नई मनःस्थिति धारण करें और ईश्वर के लिए प्रसन्नतापूर्वक कार्य करें। भले कार्य में संलग्न होना आपको प्रेरित करता है। इसलिए ऐसा करते रहें। यह आपको प्रेरित रखेगा। पर उसे दूसरे कार्यों का समय न लेने दें। समय-अनुशासन का पालन करना आपको बहुत प्रिय है। अच्छाई का लालच होना चाहिए। अच्छे कार्य में श्रेष्ठ होने के लिए तुलनात्मक व्यवहार होना चाहिए। इस तरह से यह तुच्छ भाव आपकी मित्र की भांति सहायता करेंगे। अग्नि स्वयं न अच्छी होती हैं और न बुरी, उनका प्रयोग अच्छा-बुरा हो सकता है। बस यह याद रखिए और ऐसे भाव आने पर खुद से घृणा न करें। उन्हें सकारात्मक ढंग से प्रयुक्त करें। गीता के चौदहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह है आपके लिए।



Give yourself sometime and practise meditation. Focus the mind and set yourself free. You will feel immediately purified and powerful. Use the tools that you have instead of fetching or waiting for new ones. Time for good news. You will have a news of unexpected success beyond your imagination. Be cool and thank God first. Wear new clothings and enjoy festivities too along with meditation. Recitation of  Chapter 6 of the Gita is advised for you.






खुद को थोड़ा समय दें और ध्यान करने का अभ्यास करें। मन को फोकस् करें और खुद को स्वच्छंद करें। आपको तत्काल ही स्वच्छ और शक्तिशाली महसूस होगा। नए उपकरणों और अस्त्रों की प्रतीक्षा एवं संचय करने से बेहतर होगा जो अस्त्र और उपकरण आपके पास हैं उनका प्रयोग करें। अच्छे समाचार आने का समय है। आपको आपकी कल्पना से परे सफलता का समाचार मिलेगा। शांत रहें और सबसे पहले ईश्वर को धन्यवाद करें। नए कपड़े पहनें और त्यौहार का आनन्द लें साथ ही साथ ध्यान करते रहें। गीता के छठे अध्याय के पाठन एवं परायण करने की सलाह है आपके लिए।



  “I know God knows every mind and feels every heart more clear than they do.”


Vivek Sharma

























View older posts »