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Gita Bhagya Chakram

Weekly Guidance



Bhagya Chakram is a secret science to guide you through your daily life by predicting your situation and helping you out with Gita based guidance . This is the guidance which Krishna gave to Arjuna through the Gita shlokas. They are shlokas, but they carry coded vibrations which predict your situation and give you a solution.  It is said that the battle of Mahabharat went on for 18 days and Krishna hinted what was going to happen each day through the secret vibrational codes. Arjuna carried himself out through that situation by practising a particular state of mind.

The same system has been applied to help people of various rashis (zodiac signs) by decoding their situation for them during the week and how they should handle it. The Krrisha team introduces the new feature weekly to help you prepare for the week. Later, this could be reintroduced as a daily feature. The main intention of introducing the secret system  is to help you imbibe, practise and execute the right attitude of mind and not to promote any superstition.

Krrisha Team





Everything can’t be expressed or had in perfection. So try to be what you really are and not what you think you are. Your major problem is your hidden ego. If you can handle your own ego and move ahead of it then you can be a gem of a person. This ego is making you act like a double personality. You are reluctant to accept your faults that is what is making you suffer mentally and socially. Engage yourself in noble works, donate money and efforts for such a cause. This will help you sublime your ego, which is creating obstacles in your way. Follow people, but don’t follow them to later on prove yourself better than them. Have you ever wondered why your mind returns to the same old habits? It is because of your ego. You have good finances. You may get more. But, pray and practise goodness with good intent. Chapter 8 of the Bhagwad Gita is advised for you.  



हर चीज उसकी पराकाष्ठा तक प्राप्त या व्यक्त नहीं की जा सकती है। तो प्रयास करें कि जो आप सोचते हैं वह नहीं वरन वास्तव में जो आप हैं वह व्यक्त करें। आपकी सबसे बड़ी समस्या आपका छिपा हुआ अहंकार है। यदि आप अपने अहम को संभाल लेते हैं और उससे आगे बढ़ जाते हैं तो आप एक बहुमूल्य व्यक्ति हो सकते हैं। यह अहंकार आपको एक दोगले व्यक्तित्व की तरह व्यवहार करवा रहा है। आप अपने दोषों को स्वीकार नहीं करना चाहते यह आपको मानसिक एवं सामाजिक स्तर पर भुगतवा रहा है। स्वयं को कल्याणकारी कार्य में संलग्न करें, ऐसे कार्य के लिए धन दान और यत्न दान करें। ऐसा करने से आपका अहंकार उदात्त बनेगा जो आपके कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहा है। लोगों का अनुसरण करें पर इसलिए नहीं कि बाद में आप खुद को उनसे बेहतरसाबित कर सकें। आपने कभी विचार किया है कि आपका मन बार-बार पुरानी आदतों पर वापस क्यों जाता है? यह आपके अहम् के कारण है। आपकी आय अच्छी है। आपको और प्राप्त हो सकती है। पर अच्छाई का अभ्यास अच्छी इच्छा से करें। भगवद्गीता के आठवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए।


There are a few in this category who shall face the ill-effects of their own ego and hard-headed approach towards simple things. They will be such people who believe God too is a show business.  Such people carry more traits of the Mesha rashi than Vrishabh. But, those who are fully in this rashi shall believe God to be essential part of every walk of life, be it social, personal or spiritual. Such people can’t do away with God. They are saved by God from impossible situations. Keep remembering God. He is fully protecting you and your cause. Keep doing the good and you shall find help coming from unknown quarters. Practise pranayam and yogic exercises to keep your body fit and fighting. Your project will gain popularity. Maintain the pace with required efforts. Financial gains are expected. New dimension of power and energy shall open for those who are fully leading a spiritual life. Those who have dedicated their life to God and God’s work shall feel unusual calm and get inspired to take their project to next level. Financial gains are indicated. Chapter 12 of the Gita is advised for you.



इस श्रेणी में कुछ ऐसे हैं जो अपने अहंकार का दुष्प्रभाव अनुभव करेंगे और सरल चीजों के प्रति बहुत जटिल-मानसिकता रखेंगे। वह ऐसे व्यक्ति होंगे जो मानते होंगे कि भगवान भी दिखावा हैं। ऐसे लोग वृषभ राशी से अधिक मेष राशी के गुण रखते हैं। पर जो पूर्णतया वृषभ राशी के हैं वह ईश्वर को जीवन के सभी पहलुओं में चाहें वह सामाजिक हो, व्यक्तिगत हो या आध्यात्मिक हो, ईश्वर को आधारभूत जानेंगे। ऐसे लोग ईश्वर के बिना कार्य नहीं कर सकते। वे ईश्वर के द्वारा असम्भव परिस्थितियों से बचाए जाते हैं। ईश्वर को याद करते रहिए। वे आपको और आपके हेतु की सम्पूर्ण रक्षा कर रहे हैं। अच्छा करते चलें और आप अनजान क्षेत्रों से सहायता प्राप्त करते जाएंगे। अपनी देह को स्वस्थ और लड़ाई के लिए तैयार रखने हेतु प्राणायाम और योगिक व्यायाम का अभ्यास करते रहें। आपके प्रयोजन को यश मिलेगा। उसकी गति को आवश्यक प्रयत्न के साथ बरकरार रखें। आर्थिक लाभों की ओर संकेत है। जो लोग आध्यात्मिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं उनके लिए शक्ति और ऊर्जा के नए आयाम खुलेंगे। जिन्होंने अपना जीवन ईश्वर और ईश्वर के कार्य को समर्पित कर दिया है उन्हें एक असाधारण शांति का आभास होगा और वे अपने प्रयोजन को नए स्तर पर ले जाने को प्रेरित होंगे। आर्थिक लाभों की ओर संकेत है। गीता के बारहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए। 


Strong changes are indicated in your life at all levels. They can be sudden and unexpected, good and bad together. Those who are devoted to God in true sense of the term shall find things bettering in professional and personal life. But, for that the entire credit goes to you Guru, who is silently helping you out. However, you may forget to give Him His due and falsely believe that you yourself have done it. Your complex thinking is your enemy.  No spiritual progress is possible without developing a simple mind. The joys of recent success shall keep you high. But, you will feel less energised this week. Move on. Don’t give up your good qualities under the influence of somebody close to you. Take care of your stomach region. Hectic activities may turn you a bit raw.  Keep meditating and signing lord’s glory. Chakram advises you to recite Chapter 8 of the Gita.



आपके जीवन के सभी स्तरों पर प्रबल परिवर्तन आने के संकेत हैं। वे सहसा एवं अनअपेक्षित, अच्छे व बुरे दोनों ही हो सकते हैं। जो ईश्वर के प्रति शब्द के सही मायनों में समर्पित हैं, वे व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में पाएंगे कि चीजें बेहतर हो रही हैं। पर उसका सारा श्रेय आपके गुरू को जाता है जो चुपचाप आपकी सहायता कर रहे हैं। हालांकि आप उन्हें यह श्रेय देना भूल सकते हैं और झूठ-मूठ यह मान सकते हैं कि आपने खुद यह सब किया है। आपकी जटिल सोच आपकी शत्रु है। बिना सरल मन बने कोई आध्यात्मिक प्रगति सम्भव नहीं है। हाल ही में मिली सफलता आपको मदहोश रखेगी। पर आपको इस सपमताह कम ऊर्जित महसूस होगा। आगे बढ़ें। किसी करीबी के प्रभाव में आकर अपने अच्छे गुणों का त्याग न करें। अपने उदर क्षेत्र का ध्यान रखें। जुझारू गतिविधियां आपको  अपरिपक्व बना सकती हैं। ध्यान करते रहें और ईश्वर के भजन गाते रहें। चक्रम् परामर्श करते हैं कि आप गीता केआठवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें। 


There is nothing like a perfect plan. But, it is also a fact that if you believe in God, all plans can be successful. Focus on what you really want in terms of your personal life and career. Work for it. Pray for it and it will happen. But, some of you don’t give credit to God and Guru after they see things happen the right way in their life. You shall have to be respectful to your Guru and God by giving credit of your success to Him. Because He only did it , you did nothing, except trying to prove your own ego. Nature is raising you in power and responsibility. You will continue to feel high energy within but with peaks and valleys too. Remain determined and do things with conviction. A good excursion is indicated. You may find old relations coming in your way. Just enjoy time but don’t lose focus on your goals. Remember! You have the right to protect your jurisdiction. Chakram advises you to recite Chapter 13 of the Gita. 



पर्फेक्ट योजना जैसा कुछ नहीं होता है। पर यह भी तथ्य है कि यदि आप ईश्वर में विश्वास करते हैं तो सभी प्रयोजन सफल हो जाएंगे। आप अपने व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन में वास्तव में क्या चाहते हैं उसपर ध्यान दें। उसके लिए कार्य करें। उसके लिए प्रार्थना करें और वह हो जाएगा। पर आपमें से कुछ जीवन में चीजों को सही ढंग से होता देखने के बावजूद  ईश्वर और गुरू को श्रेय नहीं देते। क्योंकि उन्होंने ही अच्छा किया है, आपने और कुछ नहीं, सिवाय अपने अहंकार को प्रमाणित करने के। प्रकृति आपको शक्ति और जिम्मेदारियों में बढ़ा रही हैं। आपको अंदर ऊर्जित महसूस होगा पर उतार-चढ़ाव के साथ। दृढ़ रहें और विश्वास के साथ चीजें करें। एक अच्छे पर्यटन की ओर संकेत है। आप पुराने संबंधों को आपके मार्ग में आता पाएंगे। बस समय का विहार करें पर अपने लक्ष्य पर से फोकस न हटाएं। याद रखें! आपको आपके अधिकार क्षेत्र की रक्षा करने का अधिकार है। चक्रम् परामर्श करते हैं कि गीता के तेरहवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें। 



 You are gradually getting back to the right routines in your daily life. You must if you aren’t yet. Nothing is perfect. But, if you do things with the right intent, success is ensured by nature. It is important to look after your body. It is also important to respect time. You shall gain financially and shall go ahead with your project with more confidence. Make sure that you stay in a pure, oxygenated, well ventilated place. This will cool down your mind naturally and lift it up to its natural level. But, keep it in balance.  Good opportunities are knocking your doors. Many will fructify. Those in business shall get more orders and confirmed deals. Practise meditation and pranayam to free your energies from emotional bonds, purify your body and detox your system. Eat rich and light food. Exercise daily to retune your body. Discipline is the key to success. Recitation of Chapter  6 of the Gita is advised for you. 



आप आहिस्ता-आहिस्ता अपने दैनिक जीवन में सही दिनचर्या की ओर बढ़ रहे हैं। यदि नहीं तो आपको बढ़ना चाहिए। कुछ भी पूर्णतया दोषरहित नहीं होता। पर यदि आप सही इच्छा से कार्य करते हैं तो प्रकृति के द्वारा सफलता सुनिश्चित हो जाती है। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर का ध्यान रखें। यह भी महत्वपूर्ण है कि समय का सम्मान करें। आप आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं और अपने प्रयोजन के साथ और अधिक आत्म-विश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप पवित्र, प्राणवायु पूर्ण, बेहतर ढंग से हवादार जगह पर रहें। यह आपके मन को प्राकृतिक रूप से शांत करेगा और उसे उसके नैसर्गिक स्तर तक उठाएगा। पर इसे संतुलन में करें। सुअवसर आपके दरवाजे खटखटा रहे हैं। बहुत से फलिभूत होंगे। जो व्यवसाय करते हैं उन्हें और अधिक और्डर और पक्की डीलें मिलेंगी। भावनात्मक बंधनों से अपनी ऊर्जा को मुक्त करने हेतु प्राणायाम करें, अपनी देह को पवित्र और दैहिक व्यवस्था को विषरहित करें। पोषणयुक्त हल्का भोजन करें। रोज व्यायाम करके अपनी देह को रिट्यून करें। सफलता की कुंजी अनुशासन है। गीता के छठे अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए। 





Working diligently is your habit. But, what ruins it all is your over-thinking and over-expectation for results. Do your best and move on without expecting returns. Nature alone knowns how to get it back to you when it is most beneficial. So chill. Try to stabilise your air element by practising a proper breathing technique. There is need to address your problems of  nervousness and feeling of loss.You must put your journey, project or profession in top gear to make it more effective and productive despite the odds you face—your own are against your progress.Changes are inevitable. You may find some of them unfavourable at first. But later on you shall realise that whatever has happened has happened for good.  Remain engaged in spiritual exercises daily and take medication properly. Remain decisive and be with the truth.  Don’t forget to thank God for whatever He has given you. Fulfil all your promises to raise your positive energies. Give up whatever affects your mind and helath negatively—even if it is your favourite think. Chakram advises you recitation of Chapter 18 of the Gita.



कर्मठतापूर्वक कार्य करना आपकी आदत है। पर आपका अति में सोचना और परिणाम की अति-अपेक्षा करना इसे खराब कर देता है। अपना श्रेष्ठ कार्य करें और परिणाम की अपेक्षा किए बिना आगे बढ़ें। केवल प्रकृति जानती हैं कि कब श्रेष्ठ समय है इसे आपके पास वापस लाने का। तो निश्चिन्त रहें। अपने वायु तत्व को उचित श्वसन तकनीक के द्वारा स्थिर करने का प्रयास करें। आवश्यकता है कि आपकी घबराहट और कुछ खो दिया के आभास की समस्या को संबोधित किया जाए। आपको अपनी यात्रा, प्रयोजन या व्यवसाय को सबसे ऊपर की सक्रियता पर रखना चाहिए जिससे कि आप उसे सभी अवरोधों के बावजूद असरदार और फलदायक बना सकें-- आपके अपने आपकी प्रगति के खिलाफ हैं। परिवर्तन अलंघ्य हैं। आपको शुरुआत में कुछ परिवर्तन आपके विरुद्ध लग सकते हैं। पर बाद में आप यह अनुभूत करेंगे कि जो हुआ वह अच्छे के लिए ही हुआ। आध्यात्मिक अभ्यासों में रोज संलग्न रहें और दवाइयां सही से ग्रहण करें। निश्चयात्मक रहें और सच के साथ रहें। ईश्वर ने आपको जो प्रदान किया है उसके लिए उन्हें धन्यवाद करना न भूलें। अपनी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए अपने सभी वादों को निभाएं। आपके मन और स्वास्थ्य को जो नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है उसे छोड़ दें-- चाहें वह आपकी पसंदीदा चीज ही क्यों न हो। चक्रम् परामर्श करते हैं कि आप गीता के अठ्ठारहवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें। 



Nothing scatters away, gets lost  or goes away for ever, but your own mind. So work on it instead of brooding over your loneliness and efforts you have made to sustain yourself. Whatever you have achieved so far couldn’t be possible without God’s help. Remain away from people who just praise you to get their works done. You will receive satisfaction only by engaging in welfare activities. But, always remember being lethargic is getting weak. There will be an inner call  to adopt more refined ideas in your life. The pain, misery of negativity that you are having shall recede now. Continue pranayam, meditation and keertanam to remain tuned to God. Love him and thank Him for whatever He has done for you. Chakram suggests recitation of Chapters 13 of the Gita.



कुछ भी तितर-बितर नहीं होता, खो नहीं जाता, हमेशा के लिए चला नहीं जाता सिवाय आपके अपने मन के। तो उसपर कार्य करें बजाय अपने अकेलेपन के बारे में और खुद को रखने में आपने जो यत्न किए हैं उनके बारे में सोचने के । अबतक आपने जो भी प्राप्त किया है वह ईश्वरीय सहायता के बिना संभव नहीं होता। ऐसे लोगों से दूर रहें जो केवल अपना काम निकलवाने के लिए आपकी प्रशंसा करते हैं। आपको संतुष्टी केवल कल्याणकारी कार्यों में संलग्न होने पर ही प्राप्त होगी। पर हमेशा याद रखें आलसी होना कमजोर होना है। जीवन में सूक्ष्म विचारों को अपनाने की एक आंतरिक पुकार होगी। नकारात्मकता की पीड़ा, दुख जो अबतक आपको था अब कम होना शुरू होगा। ईश्वर में तरंगित रहने हेतु प्राणायाम, ध्यान और कीर्तन करते रहें। उनसे प्रेम करें और उन्होंने आपके लिए जो किया है उसके लिए धन्यवाद दें। चक्रम् परामर्श करते हैं कि आप गीता के तेरहवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें। 



You shall experience how powerful God or Nature is. Only the good are inspired by Him for goodness and grace. You may think you are perfect but without God’s will you can’t even do little things. You know it and yet you are foolishly adamant on doing what you think is right.  Believe in what the wise say. Maintain your calm despite seemingly opposite responses.  Your intuition shall be high this week. Avoid attachment and sex . Keep meditating, spiritual life is important for you. It is important that you remain calm and happy while handling big issues. Make spiritual life your priority. God is everywhere, but you must manifest it through right actions and reasoning. Financial gains are indicted through your personal projects. Share and you shall get more. Chakram advises recitation of Chapter 11 of the Gita for you.



आप अनुभव करेंगे कि ईश्वर या प्रकृति कितने शक्तिशाली हैं। केवल अच्छे ही उनके द्वारा अच्छाई एवं कृपा के लिए प्रेरित होते हैं । आपको लग सकता है कि आप पूर्णतया निपुण हैं परंतु ईश्वर की इच्छा के बिना आप छोटी सी चीज भी नहीं कर सकते। आप यह जानते हैं और फिर भी मूर्खतापूर्वक वह करने पर आमदा हैं जो आपको सही लगता है। बुद्धिमान लोग जो कहते हैं उसमें विश्वास करें। लगने में विपरीत प्रतिबोध के बावजूद अपनी शांति बनाए रखें। इस सप्ताह आपकी अंतर्दृष्टि उच्च होगी। आसक्ति और समभोग से परहेज करें। ध्यान करते रहें, आध्यात्मिक जीवन आपके लिए महत्वपूर्ण है। यह महत्वपूर्ण है कि बड़े मुद्दों को संभालते वक्त आप शांत रहें। आध्यात्मिक जीवन को अपनी प्राथमिकता बनाएं। ईश्वर सर्वव्याप्त हैं पर आप उन्हें विवेक और उचित कार्य द्वारा अभिव्यक्त करें। व्यक्तिगत प्रयोजन के द्वारा आर्थिक लाभों की ओर संकेत है। बांटें और आपको और अधिक प्राप्त होगा। चक्रम् परामर्श करते हैं कि गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें। 





Unless you practise what you have learned, you cannot really progress much in life. When it rains, water fills up pitchers, ponds and water bodies. But, what matters most is how much is retained thereafter. The same way what matters is how much you have retained from God’s kripa rain. Unless you defeat your negative mind fully, you cannot realise what you have an ambition for. Time to purify yourself—and amend your ways. Be honest and non-deceptive in your approach. You may get clarity on parental property issues. You have a good share. Now all depends upon how you plan to use it. Using wealth for good purpose is good but using it for God is Godly. Remember! Knowledge is only that which relieves you from the negative and inauspicious. Chakram suggests recitation of Chapter 9 of the Gita for you.



जबतक आप सीखे हुए का अभ्यास नहीं कर लेते तबतक आप जीवन में बहुत अधिक बढ़ नहीं सकेंगे। जब बारिश होती है तो जल पोखरों, तालाब और जलाशयों को जल भर देता है। पर अधिक मायने क्या रखते हैं कि उनमें बाद में बचा कितना है। उसी प्रकार यह मायने रखता है कि ईश्वर की कृपा वर्षा के उपरान्त आपने कितना एकत्रित किया। जबतक आप अपने नकारात्मक नर को पूरी तरह पराजित नहीं कर देते तबतक आप यह नहीं जान पाएंगे कि आपका लक्ष्य क्या है। समय है कि खुद को पवित्र करें-- अपने मार्गों को बदलें। अपनी पहल में सच्चे और छल न करने वाले बनें। आपको माता-पिता की प्रापर्टी के मुद्दों पर आपको स्पष्टता होगी। आपके पास एक अच्छा हिस्सा है। अब सब निर्भर करता है कि आप उसके प्रयोग का कैसा प्रयोजन रखते हैं। धन को अच्छे के लिए प्रयुक्त करना अच्छा होता है पर ईश्वर के लिए प्रयोग करना ईश्वरीय होता है। याद रखें! ज्ञान केवल वह होता है जो नकारात्मकता और अशुभ से आपको मुक्त करता है। चक्रम् परामर्श करते हैं कि आप गीता के नौवें अध्याय का पाठन एवं परायण करें।





Avoid violent thoughts and hurt not anybody with your speech, action and suggestion. Keep your greed under check and remain calm and determined. Mop your office, room or place yourself, thinking it to be a work assigned by God. It will work like pranayam for you. But, mop in sitting posture. You are a fighter by nature. Once you are determined, you shall have success in your stride. It is because, when your mind is focused, you don’t waste time and continue to make efforts to get the desired results. Be in executive mode. Walk and cross the patch. Standing and waiting at one end will not work in your case. Follow time discipline to reach your goals. Fight down your mental blocks by right reasoning. So stay humble and stay alert. Make right use of your money. Recitation of Chapter 16 of the Bhagwad Gita is advised for you.



हिंसात्मक विचारों से बचें और किसी को भी अपनी वाणी, कार्य या सलाह के द्वारा पीड़ा न दें। अपने लोभ पर नियंत्रण रखें और शांत एवं दृढ़ रहें। अपने औफिस, कक्ष या स्थान में स्वयं पोछा लगाएं यह मानते हुए कि यह आपके लिए ईश्वर प्रदत्त कार्य है। वह आपके लिए प्राणायाम समान कार्य करेगा। पर, यह बैठने के आसन में करें। आप प्राकृतिक रूप से योद्धा हैं। एक बार आपने दृढ़ कर लिया, आपको सफलता आपकी गति पर मिल जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आपका मन फोकस हो जाता है तो आप समय व्यर्थ नहीं करते और ऐच्छिक परिणाम हेतु प्रयास करते रहते हैं। कार्यकारी साँचें में आ जाएं। चलें और इस खंड को पार कर लें। आपके विषय में एक ओर खड़े रहकर प्रतीक्षा करना कार्य नहीं करेगा। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए समय के अनुशासन का अनुसरण करें। विवेक द्वारा अपने मानसिक अवरोधों से लड़ें। तो विनम्र रहें और स्वयं को मृदु रखें। अपने धन का उचित उपयोग करें। भगवद्गीता के सोलहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए। 




Yours is the same as the last week. Just remember what is bitter at first leaves sweet impact and whatever is sweet is bitter in impact. So, choose the opposite way to fight down your mental block. Remain in a state of balance, get focused on your goals and efforts to reach them. Success is ensured for those who work systematically, patiently and persistently. Now that you have resolved some of your doubts, remain focused on your work. Always remain surrendered to God. Resolve negatives as they come, if they ever come. Resolve even positive thoughts as they too sometimes have negative effect in the end. Keep your Guru’s photo in front of you always at your work place. This will repel negatives and save you from unwarranted infringement and waste of energy. Remember you have the right to keep things private even from the most trusted person. Recitation of Chapter 18 of the Gita is advised for you.



आपका चक्रम् परामर्श गत सप्ताह के समान ही है। बस यह याद रखें कि जो कड़वा होता है उसका प्रभाव मीठा होता है और जो मीठा होता है उसका प्रभाव कड़वा होता है। तो अपने मानसिक अवरोध से लड़ने के लिए विपरीत मार्ग का चयन करें। संतुलन की अवस्था में रहें, अपने लक्ष्य पर और उस तक पहुंचने के प्रयास पर फोकस करें। जो व्यवस्थित ढंग से, धैर्य से और निरंतर कार्य करते हैं उनके लिए सफलता निश्चित है। अब जब आपने अपने कुछ संशयों को सुलझा लिया है , अपने कार्य पर फोकस करें। हमेशा ईश्वर को समर्पित रहें। नकारात्मक विचार आएं तो उन्हें सुलझाते जाएं। सकारात्मक विचारों का भी समाधान करें क्योंकि कभी-कभी अंत में उनके प्रभाव नकारात्मक होते हैं। अपने कार्य के स्थान पर अपने गुरू की तस्वीर रखें। यह नकारात्मकता का विरोध करेगी और आपको निरर्थक उल्लंघन और ऊर्जा के दुर्व्यय से बचाएगी। याद रखें कि आपको सबसे भरोसेमंद व्यक्ति से भी बातें गुह्य रखने का अधिकार है। गीता के अठ्ठारहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए। 





Believe in your path. Use every moment to reach your goal. But, this shouldn’t affect your daily schedules. Stay decisive in whatever you do. Continue your spiritual exercises. Do more japam and naam keertanam to get energised. But, they shouldn’t affect your routines.  Identify your weaknesses  and battle them out reciting God’s name with love. You shall feel what it means to be with God all the time. But, keep working towards your goal. Mentally, offer water and flowers to the sun and the Himalayas in the morning and pray for worldly and spiritual success. Recitation of Chapter 11 of the Gita is advised for you.





अपने मार्ग में विश्वास करें। हर क्षण को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रयोग करें। पर इससे आपकी दैनिक दिनचर्या प्रभावित नहीं होनी चाहिए। आप जो भी करें उसमें निश्चयात्मक हों। अपने आध्यात्मिक अभ्यास जारी रखें। और अधिक जप और नाम कीर्तन करें जिससे आप ऊर्जित हों। पर उनसे आपकी दिनचर्या प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अपनी कमजोरियों को पहचानें और प्रेमपूर्वक ईश्वर का नाम लेते हुए उनसे लड़ कर उन्हें बाहर करें। आपको अनुभव होगा कि हर वक्त ईश्वर के साथ होने का क्या तात्पर्य है। पर, अपने लक्ष्य की ओर कार्य करते चलें। मानसिक स्तर पर सूर्य एवं हिमालय को सुबह जल एवं पुष्प अर्पित करें और सांसारिक एवं आध्यात्मिक सफलता की प्रार्थना करें। गीता के ग्यारहवें अध्याय के पाठन एवं परायण करने का परामर्श है आपके लिए। 



  “I know God knows every mind and feels every heart more clear than they do.”


Vivek Sharma

























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